माँ
चाँद जैसी होती है माँ चाँद जैसी होती है माँ दाग अपने पास रख चाँदनी फैलाती है माँ आग कहाँ उसके अंदर अमृत बरसाती है माँ बाहें दूर तक पसार …
“Only the very weak-minded refuse to be influenced by literature and poetry.”
चाँद जैसी होती है माँ चाँद जैसी होती है माँ दाग अपने पास रख चाँदनी फैलाती है माँ आग कहाँ उसके अंदर अमृत बरसाती है माँ बाहें दूर तक पसार …
'संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यावरण दिवस' ( 5 जून) वैश्विक स्तर पर पर्यावरण …